Ziyarat E | Nahiya In Hindi Extra Quality

"Assalamu ala Adamas safwatillahi min khaliqatihi..." سلام ہو آدمؑ پر جو اللہ کی مخلوق میں چنے ہوئے ہیں... سلام ہو نوحؑ پر جن کی دعا قبول ہوئی... سلام ہو ابراہیمؑ پر جن کو اللہ نے اپنا خلیل بنایا۔

विश्वास के अनुसार, यह ज़ियारत इमाम मेहदी (अ.स.) ने उस समय पढ़ी थी जब वे अपने पितरों के साथ मोहब्बत का इज़हार कर रहे थे। हालाँकि यह ज़ियारत दूर से है (नाहिया का अर्थ होता है - किसी तरफ या दिशा), लेकिन इसमें आध्यात्मिक तौर पर इमाम हुसैन (अ.स.) की मज़ार पर हाज़िर होने का एहसास होता है। ziyarat e nahiya in hindi

इस ज़ियारत की विशिष्ट आयतों (verses) का गहरा अर्थ समझाना। "Assalamu ala Adamas safwatillahi min khaliqatihi

यह ज़ियारत पढ़ने वाले को इमाम हुसैन के गम से जोड़ती है और कर्बला के दर्द को महसूस कराती है। ziyarat e nahiya in hindi