5. पंचम चैत्यवंदन: पुंडरीक स्वामी चैत्यवंदन (Pundarik Swami Chaityavandan)
शत्रुंजय गिरिराज जैन धर्म का शाश्वत और सबसे पवित्र तीर्थ माना जाता है। यहाँ की यात्रा तब पूर्ण मानी जाती है जब यात्री इन पांच प्रमुख स्थलों पर चैत्यवंदन और दर्शन करते हैं। palitana 5 chaityavandan in hindi full
यहाँ प्रथम चैत्यवंदन के मंत्र दिए जा रहे हैं। सभी पाँचों के लिए मूल मंत्र समान हैं, केवल तीर्थंकर का नाम और मंदिर का स्थान बदलता है। हम यहाँ (आदिनाथ मंदिर के लिए) पूर्ण अर्थ सहित दे रहे हैं। इसी प्रकार अन्य चार मंदिरों पर तीर्थंकर के नाम बदलकर (ऋषभनाथ के स्थान पर शांतिनाथ, कुंथुनाथ, अरनाथ, पार्श्वनाथ आदि) दोहराया जाता है। palitana 5 chaityavandan in hindi full
यहाँ पालीताना की भावयात्रा के लिए पूरी जानकारी के साथ दिए गए हैं। palitana 5 chaityavandan in hindi full
आप अपनी यात्रा में सहायता के लिए
रायण पगला चैत्यवंदन (Rayan Pagla)
में हम कुमारपाल राजा जैसे पूर्वजों और आचार्यों को नमन करते हैं। यहाँ मंत्र पढ़ा जाता है: